Mondo school ka vaigyanik vyakhya
मोंडो (विद्यालय) का अर्थ, व्युत्पत्ति और भावार्थ
👉मोंडो का सामान्य अर्थ
मोंडो को हिन्दी में विद्यालय कहा जाता है।
विद्यालय वह स्थान है जहाँ मनुष्य पढ़ता-लिखता है, सीखता है और ज्ञान प्राप्त करता है।
मोंडो की शब्द-रचना
मोंडो दो शब्दों से मिलकर बना है
अम = तुम, आप
ओंडो = निरक्षर, अशिक्षित, अज्ञानी, अनपढ़, नासमझ
शब्दार्थ से अर्थ:- मोंडो वह स्थान है जहाँ ओंडो (अशिक्षित व्यक्ति) आकर पढ़ते हैं, सीखते हैं और ज्ञान अर्जित करके अज्ञान से बाहर निकलते हैं।
👉वारङ चिति लिपि में मोंडो
मोंडो वारङ चिति लिपि में पाँच अक्षरों से बना है
अम + ओ: + ङ्: + ओड् + ओ: = मोंडो
अक्षरार्थ (अक्षर-अक्षर का अर्थ)
अम (म) = तुम, शरीर, संभालना, रोकना, बंधना
ओ: (ओ-कार) = गलती, दुख, रोग, मैलापन, उलझन
ङ्: (अनुस्वार) = प्रकाश, चमक, किरण, रोशनी, आग, ऊर्जा
ओड् (ड) = सुधार करने वाला, काटना, गलत को हटाना, कुदाल, औजार
ओ: (ओ-कार) = दुख, पीड़ा, कठिनाई
👉अक्षरार्थ से संयुक्त भावार्थ:-
शरीर + दुख + प्रकाश + सुधार + दुख
इसका भाव यह है कि मोंडो वह स्थान है जहाँ व्यक्ति अपने शरीर और मन की कठिनाइयों को सहन करता है,
अज्ञान रूपी अंधकार में प्रकाश (ज्ञान) प्राप्त करता है,
गलतियों को काट-छाँट कर सुधारता है, और इस प्रक्रिया में कष्ट सहकर सीखता है।
👉वारङ चिति लिपि के अक्षरों का वैज्ञानिक संकेत
अम + ओ: + ङ्: + ओड् + ओ: = मोंडो
अब इसे मानव सीखने की प्रक्रिया (Learning Process) से जोड़कर समझते हैं—
(1) अम (शरीर / व्यक्ति)
वैज्ञानिक रूप से सीखना तभी संभव है जब शरीर और मस्तिष्क सक्रिय हों। विद्यालय व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक रूप से तैयार करता है।
(2) ओ: (दुख, गलती)
मस्तिष्क-विज्ञान (Neuroscience) के अनुसार—
गलतियाँ और असुविधा सीखने की पहली अवस्था हैं।
जब व्यक्ति गलती करता है, तब मस्तिष्क नए न्यूरल कनेक्शन बनाता है।
(3) ङ्: (प्रकाश, ऊर्जा)
यह ज्ञान का प्रकाश है। वैज्ञानिक रूप से यह
समझ (Understanding) जागरूकता (Awareness)
बौद्धिक ऊर्जा (Cognitive Energy) का प्रतीक है।
(4) ओड् (सुधार, काटना)
यह त्रुटि-संशोधन प्रक्रिया (Error Correction) को दर्शाता है। शिक्षा में गलत धारणाओं को काटकर सही ज्ञान स्थापित किया जाता है।
(5) ओ: (कठिनाई, संघर्ष)
ज्ञान स्थायी तभी होता है जब संघर्ष और अभ्यास हो।
मनोविज्ञान कहता है “Effortful learning creates long-term memory.”
👉संयुक्त वैज्ञानिक अर्थ:-
शरीर + गलती + ज्ञान का प्रकाश + सुधार + परिश्रम
मोंडो वह स्थान है जहाँ व्यक्ति गलती करता है, उस गलती से सीखता है, ज्ञान का प्रकाश प्राप्त करता है,
स्वयं को सुधारता है, और मानसिक रूप से परिपक्व बनता है।
