Pudgal ka dhatuvyootpati aur vaigyanik vyakhya
Pudgal ka dhatuvyootpati aur vaigyanik vyakhya पुदगल(प्रकृति) का धातु व्यूत्पति और वैज्ञानिक व्याख्या :- आदिवासी (कोल) हो’दर्शन में प्रकृति को केवल बाहरी पर्यावरण नहीं माना जाता, बल्कि उसे जीवन, शरीर, चेतना और परिवर्तन की समग्र व्यवस्था के रूप में देखा जाता है। इसी समग्रता को हो भाषा में “पुदगल” कहा गया है। पुदगल कोई जड़…
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