Ho samaj me Nage Era ka vaigyanik vyakhya
💧नगे एरा (जल देवी) हो समाज के प्रकृति-दर्शन, भाषा-विज्ञान और सृष्टि-तत्त्व का वैज्ञानिक व्याख्या
💧नगे एरा जल के रूप में विद्यमान देवी
हो समाज के मत अनुसार नगे एरा कोई कल्पित देवी नहीं, किंतु स्वयं का चेतन स्वरूप है। नगे एरा प्रकृति में जल के रूप में, शरीर में जल के रूप में और सृष्टि में मूल तत्त्व के रूप में विद्यमान है। इसलिए नगे एरा को केवल पूजा-पाठ तक सीमित न रखकर, जीवन-नियम और चेतावनी तत्त्व के रूप में समझा जाता है।
💧नगे एरा की पूजा परंपरा और सामाजिक आचरण
हो समाज में जब भी तालाब या नदी में मछली पकड़नी हो, जल से कोई संसाधन लेना हो, तो पहले नगे एरा के नाम से हल्दी अर्पित की जाती है, कभी-कभी अंडा भी। यह अर्पण यह दर्शाता है कि मनुष्य जल का स्वामी नहीं, बल्कि अतिथि है।
💧जल का पीला रंग :- प्रत्यक्ष अनुभव और भाषा-विज्ञान
हो भाषा-विज्ञान के अनुसार पानी का वास्तविक रंग पीला माना गया है। यह अनुभव तभी होता है जब कोई व्यक्ति तालाब में डुबकी लगाकर, पानी के अंदर आंख खोलकर जल को देखे। हल्दी का रंग पीला, जल का अंतर्निहित रंग पीला इसलिए हल्दी = जल देवी का प्रतीक
💧विवाह, पीला वस्त्र और नगे एरा का नियम
हो समाज में यह मान्यता है कि यदि कोई लड़की पीली साड़ी पहनकर नदी पार करती है, तो नगे एरा द्वारा उसका हरण हो सकता है और मृत्यु की संभावना बनती है। यह कथा केवल अंधविश्वास नहीं, बल्कि प्राकृतिक चेतावनी है पीला रंग जल देवी की “खुशी की वस्तु” है
उसे अपने लिए आकर्षण मानती है इसलिए वह उसे अपने साथी के रूप में खींच लेती है यह नियम समाज को जल से सावधान और अनुशासित करता है।
💧नगे एरा काल :- सृष्टि का प्रथम काल
हो समाज के सृष्टि-दर्शन के अनुसार पृथ्वी पर सबसे पहले सिर्फ पानी ही पानी था। इस काल को नगे एरा काल कहा जाता है।
जल = पहला तत्त्व
जल = सृष्टि का आधार
जल = बीजों का संरक्षण क्षेत्र
💧नगे शब्द की धातुव्यूत्पत्ति (शब्दार्थ)
नगे = नुङ + गे
शब्दार्थ:- नुङ = अंडा, गे = ही
संयुक्त अर्थ :- सभी प्रकार के बीज पहले जल में ही सुरक्षित थे।
💐वारङ चिति लिपि में नगे अक्षरार्थ विश्लेषण
हो भाषा की वारङ चिति लिपि में नगे तीन तत्त्वों से बनता है
(1) न (नुङ) = अंडा, घूमने वाला, सूक्ष्म बीज, पका हुआ,
शुक्राणु
(2) ग (गो:) = रूप बदलने वाला, परिवर्तन, बदलाव, ढोना
(3) ए-कार (अ:ए) = सृष्टि, उत्पत्ति, जन्म, योनि
संयुक्त अक्षरार्थ :- अंडा + परिवर्तन + सृष्टि
अंडा में परिवर्तन होने के बाद सृष्टि के बीज को संरक्षित करने वाली शक्ति ही नगे एरा है।
🌍अंडा, रंग और ऊर्जा का विज्ञान
अंडा स्वयं सूक्ष्म सृष्टि मॉडल है
पीला द्रव – जल – ऋणात्मक ऊर्जा
सफेद द्रव – आग – धनात्मक ऊर्जा, इन दोनों के संयोग से
लाल रंग उत्पन्न होता है, जो हवा / गति / जीवन का प्रतीक है यही प्रक्रिया आगे चलकर बच्चे के शरीर का निर्माण करती है।
🌍रंग-तत्त्व सिद्धांत (हो समाज दृष्टि)
रंग तत्त्व ऊर्जा
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पीला पानी ऋणात्मक(ससं)
सफेद आग धनात्मक(ह्लोङ)
लाल हवा जीवन(सिंदुरि)
💧नगे एरा : शरीर में भी विद्यमान
नगे एरा केवल प्रकृति में नहीं, मानव शरीर में भी जल के रूप में विद्यमान है
रक्त, वीर्य, गर्भ जल, कोशिकीय द्रव, इसलिए नगे एरा को ऋणात्मक ऊर्जा कहा गया है, जो जीवन को धारण करती है।
🌊 नगे एरा (जल देवी) और आधुनिक विज्ञान
हो समाज का जल-दर्शन :- एक वैज्ञानिक पुनर्पाठ
💧नगे एरा काल और आधुनिक कॉस्मोलॉजी
हो समाज मत:-पृथ्वी पर पहले केवल पानी ही पानी था इसे नगे एरा काल कहा गया।
आधुनिक विज्ञान क्या कहता है:- पृथ्वी के प्रारंभिक काल (Hadean–Archean Eon) में
अत्यधिक गर्मी थी, भारी वर्षा हुई, महासागर बने
जीवन की उत्पत्ति जल में ही हुई।
नगे एरा काल = आधुनिक विज्ञान का हो समाज ने अनुभव से वही सत्य कहा, जिसे विज्ञान ने अरबों साल बाद प्रयोगशाला में सिद्ध किया।
💧“सभी बीज जल में सुरक्षित थे” और सेल बायोलॉजी
हो भाषा-विज्ञान :- नुङ (अंडा) + गे (ही) = नगे
सभी प्रकार के बीज पहले पानी में संरक्षित थे
आधुनिक जीवविज्ञान:- हर जीव की शुरुआत एक कोशिका (Cell) से होती है। कोशिका का 70–90% भाग पानी है। DNA, RNA, Protein — सभी जल माध्यम में ही सक्रिय होते हैं
नगे एरा = Cellular Water Matrix
जल बिना कोई बीज सक्रिय नहीं हो सकता बिल्कुल वही जो हो दर्शन कहता है।
🌍अंडा (नुङ) और आधुनिक भ्रूण-विज्ञान
हो दर्शन :- अंडा = सूक्ष्म सृष्टि, अंदर पीला और सफेद जल इनके संयोग से जीवन
आधुनिक विज्ञान:- Egg cell में
Yolk (पीला भाग) → पोषण + ऊर्जा
Albumin (सफेद भाग) → सुरक्षा + प्रोटीन
Fertilization के बाद Cell Division शुरू होती है
नुङ = Biological Seed + Energy Capsule
हो समाज का “अंडा दर्शन” = आधुनिक Embryology का मूल सिद्धांत।
💧रंग-तत्त्व और आधुनिक विज्ञान
हो दर्शन:- आधुनिक विज्ञान
पीला = पानी(Liquid medium)
सफेद = आग(Energy / Heat)
लाल = हवा(Oxygen + circulation)
यह Primitive Periodic Table of Life है।
💧नगे एरा देवी नहीं, प्राकृतिक नियम
आधुनिक विज्ञान के साथ जोड़ने पर स्पष्ट होता है नगे एरा कोई अलौकिक देवी नहीं, अपितु जल का चेतन प्राकृतिक नियम है, जिसे हो समाज ने देवी का रूप देकर सुरक्षित रखा। जहाँ आधुनिक विज्ञान गणना से पहुँचा,
वहाँ आदिवासी समाज अनुभव से पहले ही था।
नगे एरा = Water + Energy + Seed + Life Law
