Ter aur Tara Chandrama ke chakr ka vaigyanik rahasy

Ter aur Tara Chandrama ke chakr ka vaigyanik rahasy

Ter aur Tara Chandrama ke chakr ka vaigyanik rahasy तेर और तरा : चन्द्रमा के प्रकाश–चक्र का प्राचीन वैज्ञानिक रहस्य हो भाषा में समय की गणना केवल संख्या पर आधारित नहीं है, बल्कि प्रकृति की ऊर्जा, चन्द्रमा के स्वरूप और प्रकाश के विज्ञान पर आधारित है। इसी समय–ज्ञान की दो मुख्य नींव हैं — तेर […]

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Lita gorgonid ho panchang ka vaigyanikta

Lita gorgonid ho panchang ka vaigyanikta

Lita gorgonid ho panchang ka vaigyanikta ❤️लिटा गोर्गोणिड् क्या है? लिटा गोर्गोणिड् कोल हो आदिवासी समाज का प्राकृतिक पंचांग (हो कैलेंडर) है। यह कैलेंडर सूर्य, चन्द्रमा और ग्रह-नक्षत्रों की गति देखकर बनाया गया है। इसे ओत् गुरु कोल लको बोदरा जी ने अपने आध्यात्मिक और वैज्ञानिक ज्ञान से पुनः लिखित किया। ❤️लिटा (LITA) का अर्थ

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Shirjan muti da jang DNA pani mein chipa jeevan ka beej

Shirjan muti da jang DNA pani mein chipa jeevan ka beej

Shirjan muti da jang DNA pani mein chipa jeevan ka beej द: जं (DNA) — पानी, बीज, शक्ति और प्रकाश का रहस्य 🧬द: जं क्या है? आधुनिक विज्ञान में DNA वह अणु है जिसमें आनुवंशिक जानकारी—यानी माता-पिता से संतान तक जाने वाले सारे गुण संग्रहित रहते हैं। हो भाषा में DNA को “द: जं” कहा

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Kolhan International Treaty of 1820

Kolhan International Treaty of 1820

Kolhan International Treaty of 1820 कोल्हान अंतरराष्ट्रीय संधि 1820 ई. “आप जैसा रहना चाहते हैं, वैसा ही रहिए, किन्तु आंर पंचा आठ आना प्रति हाल दीजिए” — यह शर्त थी उस अंतरराष्ट्रीय संधि की। फिर भी कोल विद्रोह के फलस्वरूप सन 1833 ई. को गवर्नर जनरल इन काउंसिल द्वारा चार्टर्ड एक्ट को उन्मूलन करने का

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Ho bhasha mein Rimil ka vaigyanik mahatv

Ho bhasha mein Rimil ka vaigyanik mahatv

Ho bhasha mein Rimil ka vaigyanik mahatv 🌧️ “रिमिल”: बादल का भाषावैज्ञानिक, प्राकृतिक, वैज्ञानिक, दार्शनिक और आध्यात्मिक विश्लेषण💐 ❤️प्रकृति में जब समुद्र की सतह से जल वाष्प के रूप में ऊपर उठता है, वायु में तैरता है, आकाश में जाकर संघनित होता है, और पर्वतों या वृक्षों से टकराकर वर्षा के रूप में नीचे गिरता

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prakrti aur shareer mein shirma kis rup mein maujood hai

prakrti aur shareer mein shirma kis rup mein maujood hai

prakrti aur shareer mein shirma kis rup mein maujood hai प्रकृति और शरीर में षिर्मा(आकाश) किस रुप में मौजूद है। षिर्मा = षिर + मा षिर = जड़, नस, मूल संरचना — यह शरीर की जड़ ऊर्जा या आधार का प्रतीक है। मा = मां, जननी, आवश्यकता — जो उत्पत्ति का मूल है। इससे “षिर्मा”

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Ong hi brahmand ki vastavik dhvani hai om nahin

Ong hi brahmand ki vastavik dhvani hai om nahin

Ong hi brahmand ki vastavik dhvani hai om nahin 🌌 ONG ही ब्रह्मांड की वास्तविक ध्वनि है — OM नहीं ब्रह्मांड एक जीवित सत्ता है — यह स्थिर नहीं, बल्कि निरंतर कंपनशील (Vibrating) है। इस कंपन से जो मूल ध्वनि उत्पन्न होती है, वह हर दिशा में गूंजती रहती है। वह कोई धार्मिक मंत्र नहीं,

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Ote aur Jayra ka vaigyanik mahatv

Ote aur Jayra ka vaigyanik mahatv

Ote aur Jayra ka vaigyanik mahatv ओते’ और ‘जयरा’ शब्दों का धातुव्यूत्पत्तिगत एवं वैज्ञानिक विश्लेषण” “ओते” शब्द सामान्य रूप से भूमि या धरती का द्योतक माना जाता है, किन्तु वारङ चिति लिपि और दैवीय सिद्धांत के अनुसार ओते केवल मिट्टी नहीं, बल्कि जीवन की जननी — जयरा माँ का भौतिक रूप है। वह मातृशक्ति जो

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Ho bhasha mein uli ka vaigyanikta

Ho bhasha mein uli ka vaigyanikta

Ho bhasha mein uli ka vaigyanikta 🥭🫀उलि : वैज्ञानिक दृष्टि से सजीवता, भूख और प्राणशक्ति का प्राकृतिक प्रतिरूप हो भाषा में “आम” को “उलि” कहा जाता है। यह शब्द केवल एक फल का नाम नहीं, बल्कि जीवन, सृजन, और प्राणशक्ति का प्रतीक है। उलि शब्द में प्रकृति की जीवंतता, भूख, प्राण वायु और निरंतर सृजनशीलता

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shirjan kee dhatu vyutpatti aur vaigyanik siddhant

shirjan kee dhatu vyutpatti aur vaigyanik siddhant

shirjan kee dhatu vyutpatti aur vaigyanik siddhant षिर्जन — सृष्टि का वैज्ञानिक और आध्यात्मिक अर्थ सृष्टि, उत्पत्ति या सृजन को हो भाषा में “षिर्जन” कहा जाता है। षिर्जन का अर्थ है — पंचतत्व से रगड़कर, निकलकर, फैलने की क्रिया। षिर्जन = षि + हर्र + जन जिसका शाब्दिक अर्थ — षि = हल चलाना, खोज

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