Lita gorgonid ho panchang ka vaigyanikta
❤️लिटा गोर्गोणिड् क्या है?
लिटा गोर्गोणिड् कोल हो आदिवासी समाज का प्राकृतिक पंचांग (हो कैलेंडर) है। यह कैलेंडर सूर्य, चन्द्रमा और ग्रह-नक्षत्रों की गति देखकर बनाया गया है। इसे ओत् गुरु कोल लको बोदरा जी ने अपने आध्यात्मिक और वैज्ञानिक ज्ञान से पुनः लिखित किया।
❤️लिटा (LITA) का अर्थ
लिटा = सबसे सूक्ष्म, आत्मा, परमाणु, राजा
अर्थात् प्रकृति के सबसे सूक्ष्म नियमों से समय की गणना।
🌟 गोर्गोणिड (GORGONID) का अर्थ
गोर्गोणिड = ग्रह-नक्षत्र
यानी आकाश का वह प्राकृतिक गणित जिससे ऋतु, दिन-रात, तिथि आदि तय होते हैं।
❤️लिटा गोर्गोणिड् = सूक्ष्म प्राकृतिक नियम + ग्रह-नक्षत्रों का गणित, यही कारण है कि इसे प्राकृतिक पंचांग कहा जाता है।
🌕 प्राचीन गणना पद्धति
हमारे पुरखे चण्डु: लेनेका (चाँद की गिनती) से समय तय करते थे। वे ग्रह-नक्षत्र, चांद के बढ़ने-घटने और मौसम के संकेत देखकर तिथि-माह बताते थे।
इसी ज्ञान के आधार पर आज भी बुढ़े बुजुर्ग लोग कहते हैं
“नाअ् दो ओकोन चान्डु: सेसेन तना गा।
बनो ना: दो गा सरदि चन्डु: ।
नेन तयोम: दोगा मगे चन्डु: बेटाना।
सेनो: यन चन्डु: रेय: इन्दिरि: रेकिङ सेनलेना अटोवरि पा रेकिङ रुवा उरा लेना” जैसी पारंपरिक बातें।
ये लोग वारङ चिति लिपि पढ़े नहीं हैं,
फिर भी उनकी गणना प्रकृति से बिल्कुल सही मिलती है।
🎵 पुराना गीत (जो आज लुप्त हो रहा है)
“इपिल्ल कोदो इपिल्ल को,
गोर्गोणिड् कोदो गोर्गोणिड् को,
सुरु सुरु जोह जोह सकम रेको सृजोन लेना।”
यह सिर्फ गीत नहीं,
बल्कि इसमें Scientific logic और Mathematics formula छिपा है।
❤️लिटा गोर्गोणिड् का प्राकृतिक चक्र
1)वर्ष(बोचोर) = सूर्य का प्राकृतिक चक्र
वर्ष शुरू होता है सबसे छोटे दिन (Unit of Light) “प्रकाश का इकाई” से जो बढ़ते प्रकाश (Sunlight) की शुरुआत है इसे जोमषुइम कहा जाता है
2)महीना(चन्डु:) = चन्द्रमा का प्राकृतिक चक्र
महीना शुरू होता है चन्द्र दर्शन (चांडु: मुलु:)(बढ़ते चन्द्रमा) से महीना समाप्त होता है अमावस्या (निरसांदि)(घटते चन्द्रमा) पर, यह दोनों प्राकृतिक चक्र मिलकर 100% Nature-based Calendar बनाते हैं।
❤️लिटा गोर्गोणिड् में क्या समाहित है?
इस पंचांग में— शरीर की रचना, भौगोलिक ज्ञान, प्रकृति के नियम, दर्शन, आध्यात्मिक तत्व, सब एक साथ समाहित हैं। इसलिए यह सिर्फ कैलेंडर नहीं,
बल्कि हो समाज का विज्ञान + संस्कृति + प्रकृति दर्शन है। लिटा गोर्गोणिड् वह प्राकृतिक पंचांग है जो सूर्य-चन्द्रमा और ग्रह-नक्षत्रों की गति से वर्ष, महीने और समय की गणना करता है — और जिसका वर्ष का पहला दिन ‘जोमषुइम’ (सबसे छोटा दिन) होता है।
