Kol Ho Poem Ho Jaati
Kol Ho Poem Ho Jaati हो जाति इस देश का एक पुराना जाति है, धान खेत का घास जैसा उसका परिचय है । मैं आदिम जाति हुँ यह वो बोलता फिरता है, जहाँ गया, कहाँ से आया ? इसे पूछा जाता है । भाषा, धर्म दष्तुर को मुशकिल से बचाया है, दुसरे अपवित्र करेंगे सोच…
