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Ho aur Kol Vidroh ka Parinaam

Ho aur Kol Vidroh ka Parinaam

Ho aur Kol Vidroh ka Parinaam हो एवं कोल विद्रोह का परिणाम 1600 – ईस्ट इंडिया कम्पनी स्थापना | 1767 – सिंघभुम के राजा के साथ अंग्रेजों का रिश्ता। | 1820-21 – (हो विद्रोह) संधि, एकरारनामा – आप जैसे रहना चाहते हैं वैसा ही रहिए किंतु आंर पंचा दिजिए (8अना) | | 1831-32 – कोल […]

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Kolhan ke Ho Janjatiyong ka gaurvshalee itihas

Kolhan ke Ho Janjatiyong ka gaurvshalee itihas

Kolhan ke Ho Janjatiyong ka gaurvshalee itihas कोल्हान के कोल हो लोगों का गौरवशाली इतिहास  25 मार्च 1820 को अंग्रेजों और हो प्रतिरोध के बीच कोल्हान में होने वाली युद्ध को इतिहास में “हो विद्रोह”कहा गया। जबकि 1831 को छोटानागपुर , रांची जिला के सोनपुर में कोल विद्रोह हुआ था। पाठयक्रम में अंग्रेजों के साथ

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Singbui chi Singhbhum otehasa

Singbui chi Singhbhum otehasa

Singbui chi Singhbhum otehasa सिङबुइ रेय: मुनु नुतुम दो सिङ रइज तइकेना। सिङबुइ दो ना: अबु जोनोमा कन उपड् तना। हर्ताहसा बितर रे झारखंड रइज मेन: । झारखंड रेय: मि कांडा चोटानागपुर रे नेन उपड् तबु दो मेन:। नेया अबुव: मुलुक ओन्डो: ओत् तला रे जकेड् सबेन कोय ते सुगड़ सुन्दोर टयड् तना। षिङह्बोङ्गा चियड्

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sobon sardar

Sobon Sardar ki jeevani

Sobon Sardar ki jeevani एक गुमनाम महान नायक Sobon Sardar ki jeevani-सोबोन पिंगुआ जिन्हें अंग्रेजों की संधि को मानने से इंकार किया था, १. हर एक जोड़ा बैल पर (आंर पञ्चा) 50 पैसे की लगान राशि अंग्रेज सरकार को दी जाए। २. सिंहभूम में हो के स्थान पर उड़िया, हिंदी और अंग्रेजी की पढ़ाई होगी।

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kolhan ho disum

Kolhan Ho Dishum ka parichay

Kolhan Ho Dishum ka parichay Kolhan Ho Dishum ka parichay @ सन् 1837 ई. को कोल्हान का रुढ़ि प्रथा जमीन एवं यहां के भाषा संस्कृति को सुरक्षित एवं संरक्षित करने के लिए कोल्हान गवर्नमेंट इस्टेट का स्थापना हुई। जो कि ये समाजिक सरकार यानि गैर न्यायिक सरकार है। @कोल्हान जर्नल (Journal) एसियाटिक सोसायटी ऑफ बंगाल

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kolhan government estate

Teniente S.R Tikel Etnografía colonial in Singhbhum

Teniente S.R Tikel Etnografía colonial in Singhbhum कोल्हान गवर्नमेंट एस्टेट Teniente S.R Tikel Etnografía colonial in Singhbhum लेफ्टिनेंट सैमुअल रिचर्ड टिकेल (१९ अगस्त १८११ – २० अप्रैल १८७५),2 कोल्हान गवर्नमेंट एस्टेट के पहले असिस्टेंट पॉलिटिकल एजेंट (१८३७ में स्थापित), बिहार में तत्कालीन सिंहभूम के कोल्हान क्षेत्र में ब्रिटिश प्रशासन के संस्थापक थे। उन्हें १८४० में

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Warang Chiti script is a scientific script

Warang Chiti script is a scientific script

Warang Chiti script is a scientific script  Warang Chiti script is a scientific script-टाटा स्टील का कारोबार,जितना देशों(लगभग 160 देश) में चल रहा है उतना देश में “व्हारड• क्षिति लिपि” पहुँच गया है! 2013 में, टाटा स्टील के माध्यम से दुनिया को बताने का प्रयास किया गया है कि “व्हारड• क्षिति लिपि” में वैज्ञानिकता के

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Bha Porob chena reya bu porobeya

Bha Porob chena reya bu porobeya

Bha Porob chena reya bu porobeya   ब्ह पोरोब का इतिहास दुपुब दोष्तुर हो कोल लोगों का जन्मसिद्ध अधिकार है, उसे मान के चलना ही हमारा धर्म है । उसे सुरक्षित रुप से मानना सब का कर्तव्य है । यह हमारी पहचान है । उसे निर्धारित समय लगन में मानना ही सत्य और लाभ दायक

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The Secret of Warang Chiti Ong

The Secret of Warang Chiti Ong

The Secret of Warang Chiti Ong लोग इस कहते हैं यह एक Simple Logo, Symbol हैं। कोई कहता है  प्रकृति (Nature ), सर्वशक्तिमान, ज्ञान की आँख ……… इत्यादि और  वराङ्ग चिति एक शक्ति का  प्रतीक हैं।   जब इसे हमारे लोगों ने  समाज के लिए  बनाया है तो उसके पीछे कोई Concept तो  है। Scientifically हम इसे समझने का कोशिश  करेंगे।   Science के

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Puran reya hitad

Puran reya hitad

Puran reya hitad Puran reya hitad पुराण रेय: हिनितड पुराण = पुरा + एण  (1) मुनु पुराण:- मुनुअः ओते-हासा,दः,सेंगेल, होयो,रिमिल,गामा, लोओःते अबुअः सगइ। (2) लुकु पुराण:- लुकु बुरु रे षिञहबोंगा,वोंगाकोलोओःते अबुअःसेबा-षड़ा सगइ। (3) बुइदु पुराण:- वेएद लेकाते रेएड्-रानु, जाटि-करकोम, जोनोः-चुकुउ बइ, लिजःअ तेड• उड•कुड़ु। (4) तुरि पुराण:- गइँषिरियः दानमि,बोंगाको,बिञ-मर मर,कुला-बालुकोलोओ अबुअः सगइ। (5) सतारि पुराण:-

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