Badtauli ka mahatva
Badtauli ka mahatva यह पर्व गर्म या फसल रक्षा की है। क्योंकि कहा जाता है कि जब अपने पिता का शव लाया फिर भी दुनिया वाले उस की सच्चाई नहीं माने। आखिर “तिरिल चटा कम कोसो सोसो” के शब्दों में पौंउई और गोवाँवोड़गा का आराधना किया और शपथ लिया तथा सड़ पर्वत से संजीवटी लाया, कोवारा निरसंदी (अमावश्य) को ला कर पिता को उद्धार किया। रास्ते में तरह तरह की कठिनाईयों का सामना करना पड़ा, किन्तु वटी लाने में सफल हुआ। इसलिए त्योहार अमावश्य को मनाया जाता है। पिता के शव सिंध सहित कोरकोटा पत्ती से लपेट कर लाया और इसलिए उसी पत्ती में ही पूजा किया सामग्री को चढ़ाया जाता है। अन्यथा दूसरी पत्ती का प्रयोग नहीं किया जाता है।
