Transfer of Power Agreement 1947

Transfer of Power Agreement 1947

Transfer of Power Agreement 1947 सत्ता हस्तांतरण समझौता (Transfer of Power Agreement) और भारत की स्वतंत्रता भूमिका भारत की आज़ादी के बारे में आम धारणा यह है कि 15 अगस्त 1947 को देश को पूर्ण स्वतंत्रता मिल गई। लेकिन इतिहास में दर्ज तथ्यों के अनुसार यह केवल स्वतंत्रता का दिन ही नहीं था, बल्कि सत्ता […]

Transfer of Power Agreement 1947 Read More »

Purn Chandra Birua kee jeevanee

Purn Chandra Birua kee jeevanee

Purn Chandra Birua kee jeevanee kolhan kee aavaj, sikcha aur sangharsh ka prateek Purn Chandra Birua 1954 में स्थापित टाटा कॉलेज के संस्थापक पूर्णचंद्र बिरूवा की जयंती पूर्णचंद्र बिरुवा जिसने टाटा कॉलेज की स्थापना कर आदिवासी बहुल कोल्हान के एक हिस्से में लायी थी शैक्षणिक क्रांति पूर्णचंद्र बिरूवा। पूर्णचंद्र मतलब चंद्रमा का पूर्ण रूप जो

Purn Chandra Birua kee jeevanee Read More »

Borobunji Bonga ka mahatva

Borobunji Bonga ka mahatva

 Borobunji Bonga ka mahatva Borobunji Bonga ka mahatva-बताया जाता है कि यह प्रचलित बोड़ोबुञ्जी पूजा लोग सदियों से मनाते आ रहें है; पूर्वजों या बुजुर्गों वर्गों का कहना है कि वर्ष में एक बार अवश्य करना है। शांति एवं रोगो बिमारियों से रक्षक का द्योतक माना जाता है। मागे पर्व की समाप्ति के दूसरा महीना

Borobunji Bonga ka mahatva Read More »

kolom bonga ka mahatva

Kolom Bonga ka mahatva

 Kolom Bonga ka mahatva Ho Samaj Kolom Bonga ka mahatva-यों तो हो किसान भाई द्वारा फसल कटाई के बाद एक जगह मन्डी अथवा गोदाम बनाया जाता है जिसे कोलोम कहा जाता है। कोलोम को साफ सुथरा परिष्कृत किया जाता है। इकट्टा हुआ फसल धान एवं बीज को सुरक्षित रखने का प्रयास किया जाता है। इष्ट

Kolom Bonga ka mahatva Read More »

Marang bonga ka mahatva

Marang bonga ka mahatva

Maran bonga ka mahatva मरं वोङ्गा Kol Samaj Marang bonga ka mahatva – हो समाज में मरं वोङ्गा की भी विशेष रूप से रोचक कथा है। मुख्यतः मानव सृष्टि के प्रथम चरण में लुकु दम्पति दोनों एक दिन एक चबुतरे पर बैठे थे। सारे जीव जन्तुओं ने आ कर दोनो को फूलमाला से सेवा सुश्रुषा

Marang bonga ka mahatva Read More »

Karam Porob ka mahatva

Karam Porob ka mahatva

Karam Porob ka mahatva Kol Ho samaj Karam Porob ka mahatva लुकु दम्पति के नाती नतीनी क्रमशः दुरमी के 13 थे और सुरमी के 12 पुत्र-पुत्री थी; सयाना हो गये बुद्धिज्ञान अपना अपना हासिल कर गये। यह देख कर दुरमी ने सोचा कि शासन सत्ता का बागडोर किन को दिया जाए, दुनिया को सम्भाल सके

Karam Porob ka mahatva Read More »

janm se mrtyu tak vaaran chiti mein jeevan darshan

Jomnama ka mahatva

Jomnama ka mahatv Ho samaj me Jomnama ka mahatv-दूसरे दिन पौ फटते ही अपने पिता का पुर्नजन्म दिया। सुबह होते ही पिता जीवित हो कर दुनिया वाले को दिखाया। उसी खुशी में जोमनमा त्योहार मनाया जाता है। क्योंकि नीचे के सांस्कृतिक वाक्य से पता लगता है। एना नमा माटा नमा सुरा जोम तन नु तन

Jomnama ka mahatva Read More »

Badtauli ka mahatva

Badtauli ka mahatva

Badtauli ka mahatva Badtauli ka mahatva यह पर्व गर्म या फसल रक्षा की है। क्योंकि कहा जाता है कि जब अपने पिता का शव लाया फिर भी दुनिया वाले उस की सच्चाई नहीं माने। आखिर “तिरिल चटा कम कोसो सोसो” के शब्दों में पौंउई और गोवाँवोड़गा का आराधना किया और शपथ लिया तथा सड़ पर्वत

Badtauli ka mahatva Read More »

Ho Samaj Hero porob ka aitihasik ghatna

Ho Samaj Hero porob ka aitihasik ghatna

Ho Samaj Hero porob ka aitihasik ghatna यह पर्व लिटा के समय से चला आता है। जब उनके पिता सुरमी जंगली जानवर बादु के द्वारा मारे गये तो दुनिया वाले उसके वंशज समझा जाए, दुरमी के संतानों ने लिटा को बिना बाप के संतान कह कर चिढ़ाते थे। सुरमी के तीनो संतान मुटु, सेन्ताला और

Ho Samaj Hero porob ka aitihasik ghatna Read More »

Jaati utpatti ka bhramajaal

Jaati utpatti ka bhramajaal

Jaati utpatti ka bhramajaal “जाति उत्पत्ति का भ्रमजाल” Bharat me jaati utpatti ka bhramajaal – भारत में जातियों के नामकरण से संबंधित जितनी भी किताबें लिखी गई हैं, वे अज्ञात काल यानी तथाकथित वैदिक काल की सुनी-सुनाई बातों पर आधारित हैं. ये साहित्य आज से 150-200 वर्षों पूर्व पुस्तक के रूप में लिखा गया था.

Jaati utpatti ka bhramajaal Read More »

error: Content is protected !!
Scroll to Top