आदि संस्कृति

Kol Rules Ancient Culture

Kol Rules Ancient Culture

Kol Rules Ancient Culture कोल रूल आदि संस्कृति  अनुवादक-श्री लको बोदरा संस्थापक एवं संचालक आदि संस्कृति एवं विज्ञान संस्थान, पता-पासेया, अयोध्या पीढ़। एटेः तुर्तुङ पिटिका आखड़ा, झींकपानी। उपक्रमणिका :- आज तिथि 8-11-1961 ई. को दुपुब हुदा (आदि समाज ) की जागृति पर छानबीन करते हुए एटेः तुर्तुङ पिटिका आखाड़ा (आदि संस्कृति एवं विज्ञान केन्द्र) की […]

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Kol Lako Bodra ne khoj nikalee Aadivasiyon ki khoyee sanskrti

Kol Lako Bodra ne khoj nikalee Aadivasiyon ki khoyee sanskrti

Kol Lako Bodra ne khoj nikalee Aadivasiyon ki khoyee sanskrti भारत में हर पीढ़ी में ऐसा महापुरुष जन्म लेता है जिनके कर्म से हमे महान कार्य करने की प्रेरणा मिलती है ऐसे महापुरुषों में कुछ विशव स्तर पर प्रख्यात हुए इनमे से किसी ने देश की समस्त जति की सेवा की, तो कु छ अपनी

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Ho Samaj Aandi Dostur

Ho Samaj Aandi Dostur

Ho Samaj Aandi Dostur हो हुदा आंदि दोष्तुर विवाह सम्पन्न 1. सृष्टि के अनुकुल यौगिक काल के पहले विवाह होना सभ्यता और प्रकृति के विरूद्ध है। 2. बाल विवाह प्रकृति से दुश्मनाई का लक्षण है। 3. सगुन-अपसगुन को सावधान और शुद्ध के परख के बाद ही शादी का व्योरा होना होशियारी का काम है। 4.

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Ho Samaj Gonoye Dostur

Ho Samaj Gonoye Dostur

Ho Samaj Gonoye Dostur हो समाज गोनो:ए दोस्तुर मरण संस्कार:- 1. प्रत्येक प्राणी, प्रत्येक प्राणी का संस्कारिक अधिकारी है। 2. प्रत्येक मानव, प्रत्येक मानव से संबंध रखता है। 3. खून-रंग का फर्क रखना असभ्यता है। 4. यथा सम्भव शीघ्रता से संस्कार व्यवस्था होना ही सभ्यता का अर्थ रखता है। 5. श्मशान स्थल किसी नियत स्थान

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