Gonoye Dostur

Ho Munda Samaj mein Bid Diri ka itihas

Ho Munda Samaj mein Bid Diri ka itihas

Ho Munda Samaj mein Bid Diri ka itihas आदिवासी समाज का इतिहास केवल लिखित ग्रंथों में नहीं, बल्कि उनके पत्थरों, परंपराओं और सांस्कृतिक चिह्नों में जीवित रहता आया है। ऐसा ही एक अमिट प्रतीक है — ‘बिड दिरि’, जो कोल-हो समाज की सांस्कृतिक पहचान, ऐतिहासिक स्मृति और सामाजिक संरचना का अहम हिस्सा है। ‘बिड दिरि’ […]

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Sasan Diri Ho Munda samaj ka pehchan hai

Sasan Diri Ho Munda samaj ka pehchan hai

Sasan Diri Ho Munda samaj ka pehchan hai  ससन दिरि हमारे हो समाज के अदभुत पुराने ऐतिहासिक धरोहर :- ससन दिरि कोल हो समुदाय की एक अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर है। यह केवल एक पत्थर नहीं, बल्कि कोल लोगों की पहचान, आत्मसम्मान, परंपरा और सामूहिक स्मृति का प्रतीक है। यह उन मूलवासी परंपराओं की निशानी है,

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Ho Samaj Gonoye Dostur

Ho Samaj Gonoye Dostur

Ho Samaj Gonoye Dostur हो समाज गोनो:ए दोस्तुर मरण संस्कार:- 1. प्रत्येक प्राणी, प्रत्येक प्राणी का संस्कारिक अधिकारी है। 2. प्रत्येक मानव, प्रत्येक मानव से संबंध रखता है। 3. खून-रंग का फर्क रखना असभ्यता है। 4. यथा सम्भव शीघ्रता से संस्कार व्यवस्था होना ही सभ्यता का अर्थ रखता है। 5. श्मशान स्थल किसी नियत स्थान

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Gonoye Dostur Rowa keya ader

Gonoye Dostur Rowa keya ader

Gonoye Dostur Rowa keya ader रोवा केया आदेर निराम तेगे पिया किसोम रेया: दारु ओपड् आगुओवा । 32 रोकोम पतह रेयाः चिटिकि बाइयो:वा । केया आदेरि दुवर समनं रे अपियाः दारु ओपड् (सरजोम, तिरिल अर सोसो) नेपा एनपा तेन्डेरा काएते तोल दटोम केहते तिंगु:वा । एन चेतन रे नमा चाटु रे ससं मंडि एमो:वा (ओकोना

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